तर्क वितर्क और सफल फिल्में
स्टे्रट ड्राइव बाय सपन दुबे
अब कुछ ही फिल्मों प्रदर्शन से पहले दर्शकों के मन में जिज्ञासा पैदा कर पाती है। काइट्स, द्रोण , रावण और आग जैसी बड़ी फिल्मेंा को पूर्व जिज्ञासा नहीं होने के कारण रिलीज से पहले ही असफल मान लिया गया था। कुछ फिल्मों विवाद के कारण जिज्ञासा पैदा कर देती है, माय नेम इ्ज खान उनमें से एक थी। बीते कुछ वर्षो में गजनी, पिपली लाईव के बाद दबंग ही ऐसी फिल्म है जिसे प्रदर्शन पूर्व ही तीव्र सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। दबंग एक विचित्र प्रकार से गढ़ गई फिल्म है। दबंग में तर्क का कोई स्थान नहीं है। यह सत्तर के दशक की फिल्म की तरह है जिसमें जिसमें तर्क की कोई जगह नहीं होता है। गोया की कई दफा तर्कविहीन नाखून और दंत गहरी छाप छोड़ देते है। फिल्म अमर अकबर ऐंथोनी के क्लाईमेक्स में तीनों नायक खलनायक के अड्डे पहूंच कर खुद को उजागर नहीं करनें की गरज से भेष बदल लेतें है की खलनायक उनकों पहचान ना ले, लेकीन गीत गातें है की एक जगह जब जमा हो तीनों, अमर अकबर, ऐंथोनी। मानो यह गीत फकत दर्शकों को सूनाया जा रहा है, और खलनायक बहरा हो गया है। दरअसल इस तरह का हाई वोल्टेज ड्रामा इस तरह से महिमा मंडित होता है की दर्शक तर्क को खारिज कर देतें है। जिसमें फिल्म का नायक सुपरमैन की तरह शक्तीशाली होता है। फिल्म दबंग का नायक चुलबुल पांडे एक हसोंड दबंग है। जो स्वयं को राबिनहुड पांडे कहता है। यह किरदार सलमान की व्यक्तीगत जिंदगी से मेल खाता है। सलमान सीमित अभिनय क्षमता वाला अभिनेता है। सलमान के पं्रसशक शायद उससे अभिनय की उम्मीद भी नहीं करते। सलमान की हसोड़ और दबंगाई ही उन्हें भाती है, और इस फिल्म में दोनो ही मौजूद है। नवोदित तारिका सोनाक्षी सिन्हा की अदाकारी जानदार है। सोनाक्षी ग्लैमरस फिगर नहीं है किंतु वो संवाद बोलने के लिए आंखो का इस्तमाल करती है। भविष्य में सोनाक्षी से अपार संभावनायें है। फिल्म का खलनायक सोनु सूद नहीं जम पाये। सोनु अपनी मुम्बईया माडल वाली छवी में ही गोते लगाते रहे। ऐसी फिल्में अक्सर खालिस ऐक्शन बन कर रह जाती है। जो दिमाग को भारी कर देती है। दंबग में इस ऐक्शन के ऊपर हास्य हो तरहीज देकर रोचक बना दिया है। फिल्म दो गीत मुन्नी बदनाम हूई और तेरे मस्त मस्त दो नैन लोकप्रिय हो चुकें है। तेरे मस्त मस्त दो नैन राहत फतह अली ने गाया है जो लम्बे समय तक सूनाई देगा। मुन्नी बदनाम हुई गीत पर इसी कालॅम में एक लेख लिखा जा चुका है। फिल्म का पहला गीत वो है दबंग उ०प्र० के लोकगीत से उठाया गया है। यह गीत ओकंारा रे की तरह प्रतीत होता है। दरअसल उ०प्र०के लोकगीत वीर रसप्रधान है। फिल्म में संवाद युवाओं को खासे पसंद आयेंगे। दबंग को ओपनिंग तो जबरदस्त मिली है। देखना होगा की दबंग की दबंगाई बाक्स आफिस पर कब तक चलती है।
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